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अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, भारतीय सर्राफा बाजार में हलचल

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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और वैश्विक आर्थिक संकेतकों के कारण भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब केवल राजनीतिक या रणनीतिक स्तर तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और सर्राफा बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर की मजबूती ने निवेशकों के रुझान को प्रभावित किया है, जिसका असर भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है।
सोमवार को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने के भाव में तेज गिरावट देखी गई, जबकि चांदी भी दबाव में रही। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट केवल घरेलू कारणों से नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का परिणाम है।
99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में लगभग 2,500 रुपये की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद यह 1,60,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले कारोबारी सत्र में यह दर 1,62,900 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इसी तरह चांदी के दामों में भी गिरावट देखने को मिली और यह 2,69,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जबकि पिछले सत्र में इसका स्तर 2,74,700 रुपये था।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी डॉलर की मजबूती है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) सौमिल गांधी के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित किया है, जिससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है। इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में हुई वृद्धि ने भी सोने और चांदी जैसी सुरक्षित निवेश संपत्तियों पर दबाव डाला है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, तो आमतौर पर सोना एक सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है। लेकिन इस बार डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में वृद्धि ने इस प्रवृत्ति को प्रभावित किया है, जिसके कारण निवेशक अस्थायी रूप से कीमती धातुओं से दूरी बना रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो वहां भी उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी कमोडिटी रिसर्च विशेषज्ञ कायनात चैनवाला के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम को लेकर बनी अनिश्चितता ने वैश्विक सर्राफा बाजार को प्रभावित किया है। हाजिर सोना लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,504.97 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है।
हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि वैश्विक बाजार में चांदी में हल्की तेजी दर्ज की गई है और यह 1 प्रतिशत बढ़कर 75.93 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई है। यह संकेत देता है कि चांदी की मांग कुछ क्षेत्रों में अब भी बनी हुई है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में अस्थिरता का माहौल है।
आने वाले दिनों में सर्राफा बाजार की दिशा कई महत्वपूर्ण वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका के आर्थिक आंकड़े, विशेष रूप से रोजगार से जुड़े डेटा और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयान, निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी सचिव की नीतिगत टिप्पणियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
साथ ही, पश्चिम एशिया में चल रहे तनावपूर्ण हालात पर भी बाजार की नजर बनी रहेगी। यदि भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है तो इसका असर फिर से कच्चे तेल और कीमती धातुओं के दामों पर देखने को मिल सकता है। वहीं यदि स्थिति स्थिर होती है तो बाजार में सुधार की संभावना भी जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, वर्तमान समय में सर्राफा बाजार अनिश्चितता और दबाव के दौर से गुजर रहा है। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं और किसी भी बड़े निवेश निर्णय से पहले वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।

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